तो बनिये भी उभर जावें, क्योंकि जैसे तुम संसार मांई-बाप की तरह से हो उसी तरह से बनियों को भी अपना मांई-बाप जानता हूँ; परन्तु यह बेईमान तुमको छल करके भुला देंगे, क्योंकि तुम लोगों को इनके जाल की खबर नहीं और मेरे को इन बनियों ने समामुख कलपाया है जैसे कि रावण ने शनिचरजी को कलपाया था; इस वास्ते मुझको इनके जाल की मालूम है अगर इनको जाल छोड़ना होवे तो तुम लोगों से छल क्यों करें ? परन्तु यह तुमको छल करके भुला देंगे और बाद तुम्हारे मरने के तुम्हारी औलाद को गारत करेंगे; मेरे को यह बहुत फिकर है, क्योंकि "मैं भी अकेला नहीं हूँ, मेरी भी जात बिरादरी है जिस कदर चाकर की औद है, मैं भी कोई अकेला नहीं हूँ; क्योंकि हमारी, तुम्हारी, सब ही की औलाद जादू से डूबती है," इससे लिखता हूँ कि इनका छल है और इसी वास्ते यह छल चलाया है कि सब विलायतों को गारत करके यह कलंकी राज करेंगे जो तुमको अपनी-अपनी औलाद प्यारी है तो तुम अंग्रेज और हिन्दू-मुसलमान इनके छल में मत पड़ना, नहीं तो मुलक में पैसा नहीं रहने देंगे और औलादों को दुखी करके गारत कर देंगे, और जो यह मेरे जीतेजी जाल छोड़ देवें तो यह भी उभर जावें और जाल भी मिट जावे; और बार-2 कहता हूँ कि हरगिज-2 इनके छल में मत पड़ना कि हमारी, तुम्हारी जात और औलाद कायम रहे चाहे यह कितना ही छल करें, परन्तु जाल को छोड़ाना जो सुख प्राप्त हो।
विशेष सूचना-
यह पुस्तक मालिक के कथन से कापी के अनुसार ही छापी गई है, इसमे वाक्य, पद, ह्स्व, दीर्घ आदिकी भी शुद्धता नही की गई हैं।
समाप्त
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