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जगतहितकाऱणी
जाता है तो तुम्हारी हमारी कौन चलाई ?" क्योंकि तुम कहते हो कि जादू हम समझते ही नहीं, परन्तु आगे बड़े-2 सती लोगों को पाप लग गया था तो हमारी तुम्हारी कौन चलाई, और तुम कहते हो कि जादू हम समझते ही नहीं और मैं कुल विलायतों की औलाद बचने के लिए लिखता हूँ क्योंकि मेरे उपर बीती हुई बात है, सो इस पाप को छोड़ाओगे तो संसार उभरेगा, सो तुम तो पाप को मानते ही नहीं हो; परन्तु तुम्हारे नाम का होम और पाप कराते हैं, सो वोह पाप लग जाता है और रावण वगैरा के जमाने में भी रावण वगैरा का पाप संसार को लग गया था, उसी तरह से अब इन बनियों के जमाने में भी बनियों का पाप सबको लग रहा है। परन्तु संसार के लोग समझते नहीं क्योंकि पाप को आँखों से देख लेवें, जब तो समझ जावे; परन्तु यह बनिये दिखाके नहीं करते हैं वोह तो रावण के मुवाफिक अलोप कराते हैं, सो संसार को तो भुलाते हैं क्योंकि स्वर्ग और देवक़ला के भरोसे भूले हुए हैं, और जिस-2 ने दुख पा-पा के संसार के लोगों को राक्षसी पाप से उभारा है उनका गुण दुनिया अब तक मानती है, और मुझ गरीब साधु को संसार के लोग उल्टा पागल ही कहते हैं। सो दुनिया को कुछ दोष नहीं, कि उनको यह बनिये जादू से ऐसा ही सुझाते हैं जिससे संसार के लोग मुझे पागल कहते हैं, क्योंकि बनिये अपने कदीमी पाप को अपने पास रखते हैं उसको चौड़े नहीं आने देते हैं और मुझको तो इन बनियों ने भूल से दुखी किया है जिससे मैं लिखता हूँ और यह बनिये संसार में गरीब होके रहते हैं, सो यह बनिये पाप में से थोड़ा-2 सबको सिखाते जावेंगे और गारत करते जावेंगे और आप चौड़े नहीं आवेंगे और जब कुल विलायतों में थोड़े-से आदमी रह जावेंगे जब यह बनिये कुलंकी अपना राज करेंगे जब तो यह बनिये कुलंकी अपना राज करेंगे जब तो यह बनिये ऐसा जुलम करेंगे कि जिस तरह से इन बनियों के दिल में आवेगी उसी तरह से संसार के बच्चों पर जुलम करेंगे। सो ऐसी-2 आगमें इन बनियों ने पहले से संसार में चला हील है कि सौ कोस के उपर जाके एक गाँव बसा हुआ मिलेगा, जब ऐसा कलजग आवेगा कि हाथ को हाथ खाने लगेगा, जब तो आप ही कट-2 के मर जाना अच्छा है; क्योंकि जब संसार थोड़ा रहेगा जब यह बनिये कुल विलायतों में अपना राज कर लेंगे और जो इनका पाप नहीं मिटाओगे तो सबको गारत कर देंगे, क्योंकि जब बुद्धि कैद हो जाती है जब भाई-2 आपस में लड़कर मर जाते हैं। क्योंकि इन बनियों ने देवतों पर ऐसा जुलम चलाया है कि जो अर्ज नहीं किया जाता है बलके तुम सब ही देखते हो, और जानते हो कि जो बनियों न अनबोलों पर और झाड़ वनास्पति पर पाप चलाया है सो तो प्रगट पाप है, सो संसार के लोग तुम देखते हो और सुनते हो क्योंकि जिन-2 मुलकों में इन बनियों ने जुलम का पाप चलाया है सो आप लोगों में से जिस-2 ने नहीं देखा हो तो तुम हिन्दू-मुसलमान और अंग्रेज मेरी बात को गौर करके और इन बनियों के जाल को तलाश करके देखो तो तुमको भी काफरी जाल को तलाश करके देखो तो तुमको भी काफरी जाल की खबर हो जावेगी, क्योंकि इन्होंने इतने-2 देवतों के उप अनबोला जीव मराये हैं और मराते हैं और दरखतों में कीले गड़वाते हैं, सो चुड़ेल और खबीस और भूत-पलीत और जन वगैरा के नाम से करवाते हैं और संसार के लोगों को जादू से बीमार करते हैं और लोगों के घट में सुझाते हैं भूत-पलीत वगैरा का, और कहते हैं कि इस झाड़ में भूत-पलीत वगैरा रहता है वोह लग गया है; सो झाड़ में कीलें वगैरा गड़वाओ, सो भूत कील दिया जावे। इसी तरह से अनेक दरखतों में कीलें साधु-फकीरों के हाथ से और संसार के हाथ से गड़वाते हैं और कीलें गाड़ने वालों को जादू से ऐसा ही सुझा देते हैं कि हम बड़े करामाती है और समझदार है जिससे भूत-पलीत को बस में कर लिया है और आदमी को अच्छा कर लिया है और जब वोह भूत-पलीत के निकालने वाले झाड़ वगैरा में कीलें गाड़ देवें और जब उसके नाम का पाप छोड़ देवें जब वोह अच्छा हो जावे। सो कीलें गड़वा के पाप को छोड़ देते हैं जब उनको आराम हो जाता है जब लोग जानते हैं कि भूत-पलीत और जिस-जिस मुलक में डाकनियाँ बनाई है, और जो बड़ा गाँव हैं उनमें डाकने बनाई हैं जिसका हाल सुनो कि जो छोटा गाँव है उसमें भी दस-बारह डाकनियाँ और जो बड़ा गाँव है उसमें पचास या सौ,
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