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जगतहितकाऱणी
हैं, इससे जमीन माता दुबली हो गई है और चरबी तक नहीं रही, सो इस बात की तलाश करोगे जब खबर पड़ेगी, क्योंकि जमीनमाता को जादू के जोर से तरह-2 के रोग कर दिए हैं कि जो तुमको जमीन के शरीर की भूल डाल दी है इससे तुमको खबर नहीं पड़ती है, चाहे जमीन को कितने ही रोग कर दिए हैं, परन्तु तुम तो परचा-2 कहते हो और परचों के भरोसे भूले हो और हिन्दुस्तान के जो तुम हिन्दू-मुसलमान हो, सो तुम सातों-आठों विलायतों के लोगों को और अंग्रेजों को इन सौदागरांन के जाल की खबर दो और जो कि मैंने बनियों के जाल की किताब लिखवाई, उसको देख-2 के अर्ज करो कि हिन्दुस्तान एक हैं और दूसरी विलायतें सात-आठ है, सो यह ज्यादा है और तुम्हारी एक विलायत है और यह बनियें तो ‘धनीमार जात’ है, सो इन्हों के छलों को मैंने अच्छी तरह से पहचान लिए हैं। इससे थोड़ा बहुत लिखता हूँ कि यह बनिये तो सातों-आठों विलायतों को हिन्दुस्तान में लावेंगे और तुमको मरवा देंगे, सो दूसरी विलायत के आने वाले ऐसा नहीं जानेंगे कि बनिये राज करने वाले हैं और यही कुंलकी है और यही सबको गारत करेंगे, ऐसा बिलकुल नहीं समझेंगे और बनिये जादू से नहीं समझने देंगे। सो यह बुद्धि को फेर देंगे, सो उनको भी दगा की खबर नहीं पड़ेगी; क्योंकि बनियों का दगा और फरेब बड़ा भारी है और इनहोंने इसी तरह पर सोचा है, कि जिस तरह से हमने हिन्दुस्तान का धन अपने कब्जे में कर लिया, उसी तरह पर सातों-आठों विलायतों का धन काबू में कर लेंगे, कि जैसे रावण वगैरा ने राक्षसी पाप करके विचार लिया था इस तरह से इन बनियों ने भी अपने दिल में विचारा है। सो दूसरी विलायत के लोगों को यह खबर नहीं है कि हमारा भी धन कब्जे में करके और हमारी औलाद को गारत करके कुल विलायतों में थोड़े-से आदमी रह जावेंगे, जब यह बेईमान हमारी औलाद के उपर रावण वगैरा की तरह से छल करके राज करने को करेंगे; सो यह मालूम होवे जब तो दिल्ली मण्डल का लोभ तक नहीं करें और दिल्ली मण्डल का राज करने पर ‘खाक’ डालें और सौदागर बच्चों के जात तक को नहीं रक्खे बलके ‘घांनी में पिलवा देवें,’ परन्तु बनियों के कपट का भेद नहीं; ऐसे भूल ही भूल में सातों-आठों विलायतों के लोग और हिन्दुस्तान के हिन्दू-मुसलमान के बच्चे मारे जावेंगे; इससे मैं हिन्दू-मुसलमान के बच्चों को इन सौदागरांन के जाल से वाकिफ करता हूँ क्योंकि यह बनिये सबको गारत करेंगे। सो तुम हिन्दुस्तान के लोगों की औलाद में से अगर कोई भी जब तक जिन्दा रहे और किसी तरह की तकलीफ नहीं पहुँचे, तो इनके जाल की खबर दूसरी विलायतों के लोगों को देना कि बनियों का जाल संसार की कोशिश से मिटे, अगर दूसरी विलायत के लोगों को वाकिफ नहीं करोगे तो जाल कभी नहीं मिटेगा और भूल ही भूल में सब संसार के लोग मारे जावेंगे, और तुम हिन्दुस्तान के हिन्दू-मुसलमान की, सातों-आठों विलायतों के लोगों के आगे और राजा बादशाहों के आगे हाथ जोड़ के यह कहो कि इन बनियों बेईमानों के जाल तो रावण हरनाकुश के मुवाफिक हैं और हम लोग इनके जाल की वजह से आपस में लड़-2 के मरते जाते है, और फिर यह बेईमान हमको दूसरी विलायतों के हाथों से मरवा देते हैं और आखिर में तो भूल ही भूल में यह सौदागर बच्चे सातों-आठों विलायतों को अपने राक्षसी पाप से गारत कर देंगे और हम लोग तो इनके जालों से पागल के मुवाफिक हो गए हैं। सो ‘इसमें तुम एक रती की भूल मत समझो’ और इन बनियों ने हम लोगों की बुद्धि ऐसी खराब कर दी है, कि जो इनका राक्षसी जाल है उसको हम लोग करामात समझते है और करामात के भरोसे भूले हुए हैं, और जो आप लोगों को जब यह हिन्दुस्तान में लाते है, तो हमको आप लोगों की नजरों में कुलंकी सुझाते हैं और हमको हमारी बुद्धि फेर के हमारी नजरों में आप लोगों को कुलंकी सुझाते हैं; और यह बेईमान ऐसी-2 बातें पहले से चला देते है कि हिन्दुस्तान की बात तो दूसरी विलायतों के आने वालों के सामने यह चलाते हैं कि हिन्दुस्तान में हिन्दू-मुसलमान कुलंकी है और हिन्दुस्तान के लोगों के सामने यह बात चला देते हैं कि हिन्दुस्तान में दूसरी विलायतों के आने वाले कुलंकी है और आप ‘चोर’ अलाहदा के अलाहदा रहते हैं,
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