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जगतहितकाऱणी
सो यह सबब बनियों की कुदरत का है, देवतों और ईश्वर की कुदरत नहीं है, क्योंकि जो शख्स मर गया वोह बाद मरने के, कुछ नहीं कर सकता है; फिर यह बनियों की जालसाची है क्योंकि जो देवता मर गए है उनका नाम भक्ति करने के सबब से अमर रहा है, परन्तु इन बनियों ने बलराजा के बाद से करोड़ों तरह का जाल करके हिन्दुस्तान को और मक्का वालों को बिलकुल निरधन कर दिया है और उसी के मुवाफिक तुम अंग्रेजों के विलायत को निरधन किया चाहते हैं, क्योंकि निरधन करने के सबब से अंग्रेजों से यह बनिये मिले है और अंग्रेजों को हिन्दुस्तान में लाके हिन्दु्सतान का राज करा दिया है, कि जो अब तक कर रहे हैं। परन्तु यह बनियें, जबकि अंग्रेजों को हिन्दुस्तान में लाये तो पहले इनके मुलक का धन भी जादू के जोर से खेंच के ले लिया होगा कि जो असली था और बाकी रहा है उसको अब राक्षसी पाप के जोर से खेंच-2 के ले लेवेंगे, क्योंकि ‘‘जादू को वोह ताकत है कि जो चाहे वहीं कर सकता है’’, अगर यह बनिये जादू के जोर से जिस मुलक का धन खेंचना चाहते है तो खेंच लेते हैं। सो इस जादू के जाल को तो अगले जमाने के राजा बादशाह भी बुरा कहते थे कि जादू बहुत ही बुरा है परन्तु जबकि अंग्रेजों को यह बनिये हिन्दुसतान में लाए होंगे, तो इन बनियों ने अंग्रेजों के मुलक का अशली धन राक्षसी पाप के जोर से अंग्रेजों को भुलाके दो-तीन पीढ़ी पेश्तर ले लिया होगा, क्योंकि यह बनिये जब दूसरे मुलक के राजा बादशाह वगैरा को हिन्दुस्तान के राज कराने को लाते है तो उनको पहले से निरधन कर देते है जिससे वोह गरीब हो जाते है और भूखे मरने लगते हैं। सो मक्का वाले और इंगिलस्तान वाले कि जो हिन्दुस्तान में, वास्ते राज करने के आए है सो उन्होंने राज किया है और अभी तक कर रहे है और करेंगे, परन्तु यह बात वलोह खुद अपने दिल से जानते होंगे कि बेशक हम दो-तीन पीढ़ी तक दुखी रहे, परन्तु यह बनिये अपने राक्षसी पाप से उन राज करने वालों को पहले से ऐसा सुझाते होंगे कि कदीम से दुखी ही है। सो मेरे भाइयों, धन सब विलायतों में बहुत था और किसी विलायत में धन का टोटा नहीं था और ना धन बगैर उठाए के कहीं जा सकता है; परन्तु इन सौदागरांन ने तीन विलायतों का असली धन अपने कब्जे में कर लिया है और जो कि टूटा हुआ धन है उसको कब्जे में किया चाहते है, और उसी तरह से दूसरी विलायत के राजा बादशाह को निरधन करके यह बनिये हिन्दुस्तान में लावेंगे और उनका धन राक्षसी पाप के जोर से कुछ का कुछ सुझा के खेंच लेवेंगे और निरधन कर देवेंगे, जब वोह भूखे मरने लगेंगे जब बनिये उनको भी हिन्दुस्तान में लावेंगे और हिन्दुस्तान का राज कराएँगे, और अंग्रेजों के बच्चों को मरवा देंगे। सो तुम सब संसार के लोगों और तमाम अंग्रेजों, सुन ही रहे हो कि अब रुस वाले हिन्दुस्तान में आना चाहते है; सो ख्याल करोकि उन रुस वालों को हमारे मुलक का हाल क्या मालूम है? और बगैर लाए के दूसरे मुलक का शख्स हिन्दुस्तान में किस तरह से आ सकता है? सो ख्याल करो कि वोह खुद नहीं आथा है, और वोह भी इस तरह से आता है कि जिस तरह से तुम, अंग्रेज और मक्का वालों को हिन्दुस्तान में लाए थे; उसी तरह से रुस वाले भी हिन्दुस्तान में बनियों की राय से आते है, सो वोह भी एक दफे जरुर आवेंगे, क्योंकि इन बनियों ने उनके मुलक का धन दो-तीन पीढ़ी गुजरने से पहले खेंच लिया होगा और जो कि टूटा हुआ धन बाकी है उसको अब सौदागरी के वसीले से खेंच लेंगे, कि जिस तरह से तुम लोगों का खेंचा था। गर्ज कि तुम्हारी तरह निरधन कर देंगे और उनको बनियों ने अपने जादू से ऐसा सुझाया होगा कि जैसे तमको और मक्का वालों को धन खेंच-2 के सुझाया था, कि हम कदीम से गरीब ही थे फिर यह बनिये वहाँ पर भी मिले हुए है; और रुस वालों को यह सौदागर लोग हिन्दुस्तान में राज करने के लिए लाना चाहते है, सो तुम हिन्दू-मुसलमान और अंग्रेज वगैरा, मैं तुमको बनियों के जाल से पहले वाकिफ करता हूँ कि तुम बनियों के राक्षसी पाप छोड़ाने का बन्दोबस्त करो ताकि सबको सुख प्राप्त होवे और सब विलायतें बनी रहे, क्योंकि इस जमाने में इन बनियों ने
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