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जगतहितकाऱणी
इससे दुनिया को खबर नहीं होती है और जो कोई झूठी बात कहता है तो दुनिया उसको सच जान लेती है, परन्तु बनिये बड़े बेईमान है कि तरह-2 के छल करके दिनिया को भुला देते है, हालांकि इन बनियों ने पहले केई-2किसम की कसमें खाई थी और बहुत-सी लाचारियाँ पहले बादशाहों के सामने की थी, जब बनियाँ पहले बादशाहों के सामने की थी, जब बनियों को बादशाह ने छोड़ा था, कि अब यह बनिये अपनी कसम के उपर रहेंगे और पाप नहीं करावेंगे। अगरचे यह मालूम होता कि यह बनिये दुनिया के नाम का पाप फिर करना शुरु कर देंगे और हमारे बाल-बच्चों को अपने पाप से गारत कर दैंगे और धन को अपने काबू में कर लेंगे और हमारी अकल को मय औलाद के कैद करके फिर अपना राक्षसी पाप चला देंगे, और दूसरे बादशाहों से मिल के हमारा राज ले लेवेंगे और हमारे बच्चों को मरवा देंगे; और अव्वल में यह राक्षसी जाल राजा रावण के वक्त से चला है सो जबसे नौ-दस बार यह जाल पकड़ा गया है कि अव्वल तो राजा रावण के वक्त में यह जाल प्रगट हुआ, बाद उसके हरनाकुश के वक्त में जाहिर हुआ, बाद उसके कंश राजा के वक्त में यह जाल पकड़ा गया; फिर कारुन बादशाह के जमाने में यह राक्षसी जाल चौड़े हुआ और फिर हिन्दुस्तान के बादशाह के वक्त में एक बार मालूम हुवा था, और यह राक्षसी जाल कदीम से इन बनियों के घराने में चला आता है और राजा रावण, हरनाकुश वगैरा को भी इन बनियों ही ने थोड़ा-सा पाप अपने पाप में से सिखा दिया था और कदीमी असली राक्षसी जाल यह बनिये अपने काबू में रखते हैं, और उनको पाप सिखा करके यह बहका दिया था कि तुम राक्षसी पाप से चार कूंट में राज करोगे। जब रावण हरनाकुश वगैरा ने वोह पाप करना शुरु किया और संसार को उस पाप की खबर पड़ती गई तो संसार के लोग उस पाप को छोड़ाते गए। सो रावण हरनाकुश, कंश, कारुन वगैरा और केई राजा बादशाह इन बेईमानों बनियों के राक्षसी पाप के सबब से भूल ही भूल में मय औलाद के जान से मारे गये, जो यह महाजन लोग उनको पाप का करना नहीं सिखाते तो वोह बेचारे संसार के हाथों से क्यूँ मारे जाते ? और इन बेईमानों के पाप को बंद कराने का आज तक किसी से पूरे तौर से बन्दोबस्त नहीं हुआ है कि जो आयन्दा फिर कभी नहीं होता, और यह बात संसार में कहते है कि “यह बनिये बेईमान लंका के ढेड़ है,” क्योंकि यह पाप बनियों से ही निकला है और पहले रावण के वक्त में यह पाप लंका ही में प्रगट हुआ था, इस वास्ते लंका के ढेड़ इनको कहते है और अगले जमाने में इस पाप को छोड़ाने का बन्दोबस्त किया गया और पाप करने वालों को पूरी-2 सजायें दी कि आयन्दा को, डर करके कोई पाप नहीं करें, परन्तु यह पाप बिलकुल नहीं मिटा क्योंकि पूरा-पूरा यह राक्षसी पाप तो कदीम से इन बनियों के काबू में हैं और इन्होंने जो राजा रावण और हरनाकुश वगैरा को सिखा करके उनके हाथ से कराया था वोह थोड़ा-सा पाप संसार ने एक दिल होकर छोड़ा दिया और इन महाजन लोगों का हाल तो उस वक्त संसार को थोड़ा ही मालूम था कि इस राक्षसी पाप के उस्ताद यह बनिये बेईमान ही है ? और यह बनिये ही दूसरों को सीखा-2 कर पाप कराते हैं, सो संसार को तो उस वक्त इनकी खबर पड़ जाती तो संसार के लोग इनसे भी पाप को छोड़ा देते जैसे रावण वगैरा का छोड़ाया था और पहले जमाने में तो इन पाप करने वालों को ऐसी-2 बुरी सजायें देकर संसार ने मारा है, परन्तु संसार को आज तक यह बात मालूम नहीं है कि यह जाल कदीमी इन बनिये महाजनांन का है और आज तक इस हिन्दुस्तान में जिस कदर राजा बादशाह हुए है सबका पैसा और धन इन बेईमानों ने पाप करा-2 के अपने काबू में कर लिया है और सबको निरधन और भूखा कर दिया है और जाल डाल-2 के आपस में लड़ा-2 कर सबको मरा दिये है, इस वास्ते सातों-आठों विलायतों के लोगों और राजा बादशाहों से मुझ गरीब साधु की हाथ जोड़कर अर्ज है, कि जो हमने इन बनियों के शामिल हिन्दुस्तान में जनम पाया है जब हमको ही इनके जालों की खबर नहीं पड़ी तो आप लोगों को किस तरह से मालूम हो सकता है? और इन बेईमानों ने हिन्दुस्तान का लोभ दे-दे कर दूसरी विलायत वालों को आपस में लड़ा-2 कर मरा देंगे जब भी इनके जाल की खबर किसी को नहीं पड़ेगी, और यह बनिये लोग आप लोगों को ना वाकिफ और भुला हुआ जानकर और अपने कुल में से किसी आदमी को फकरी  वगैरा के भेष में आप लोगों के पास भेजके रावण वगैरा की तरह से थोड़ा-सा पाप अपने पाप में से सिखा करके आप लोगों को ऐसा-2 लोभ देवेंगे कि राक्षसी पाप के सबब से आप लोगों की बादशात हिन्दुस्तान और सातों-आठों विलायतों में हो जावेगी; जिस तरह से रावण वगैरा को सातों-आठों विलायतों का लोभ देकर उसके हाथ से पाप कराया था और फिर इन महाजनांन ने आप ही दूसरी विलायतों में यह बातें मशहूर की थी कि रावण बड़ा कुलंकी है। आखिर रावण उस पाप के करने के सबब से संसार के हाथ से मारा गया, सो यह सौदागर महाजनांन रावण की तरह से आप लोगों को भी सातों-आठों विलायतों का लोभ देकर और आप लोगों के हाथ से पाप कराके रावण की तरह से आप लोगों के बच्चों को मरा देंगे और जैसे रावण को कुलंकी मशहूर किया था, उसी तरह आप लोगों को दूसरी विलायतों में कुलंकी कहेंगे और दूसरी विलायत वालों के हाथों से आप लोगों के बच्चों को मरवा देंगे, और यह महाजन आप अलाहदा के अलाहदा रह जावेंगे और  अपना नाम कभी जाहिर नहीं होने देंगे,
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