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| राक्षसी मायाजाल से बचने का रास्ता |
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इस मायाजाल में तांत्रिक शक्तियों का आप पर असर न हो इसके लिये आपको सबसे पहले अपना खान-पान सुधारना होगा। यदि आपका खान-पान शुद्ध हैं, आप शराब-मांस से दूर हैं तो आप पर कोई तांत्रिक शक्ति अथवा जादू नहीं चल सकता है। इसके बाद झूट व कपट नहीं करना यानि सत्य बात कहना, न्याय की बात कहना यह मनुष्य का धर्म है। चोरी से व व्यभिचार जैसे शत्रुओं से भी दूर रहना पड़ता है तथा साथ ही राक्षसी प्रवृत्ति के मूल राक्षसों के घर के खान-पान से भी बचना चाहिये ताकि आपका बचाव राक्षसी मायाजाल से हो सके। यदि आप रेणी में रहते हैं तथा अच्छी करणी करते हैं तो आपको किसी पंडित के पास, किसी साधु-संत के पास, किसी मठ, किसी मंदिर में जाने की जरुरत नहीं है तथा न ही कोई धार्मिक ग्रंथ पढ़ने की आवश्यकता रहती है।
मानवता को बचाने के लिये मानव व दानव की पहचान करना जरुरी है मानव का एक ही धर्म है सत्य बोलना इससे बढ़कर कोई धर्म नहीं कोई उपदेश नहीं।
उपसंहार
मैं एक बार फिर स्पष्ट कर दूं कि यह विशेषांक किसी विद्वेश की भावना से नहीं बनाया गया है यह विश्व के जीवाजून को जो कष्ट हो रहा है, आज विश्व विनाश में सारा जन मानस बर्बाद हो रहा है। जमीन व जीव को जो कष्ट पहुंच रहा है उसके न्याय की पुकार अनोप मण्डल के ग्रंथो में है उसका आधार मानकर इस विशेषांक का निरमाण किया है। आशा करता हूं कि समस्त देवता कुळ इन तथ्यों पर अपना मनन करेंगे तथा इस विश्व शांति के कार्य को आगे बढ़ाने में अपना सहयोग प्रदान करेंगे।
सम्पादक
सत्यपुर टाईम्स (साप्ताहिक), सांचोर
Source : सत्यपुर टाईम्स (साप्ताहिक), सांचोर
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