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| गौधन रक्षार्थ जीव हत्या बन्द करने हेतु सरकार कत्लखाने बन्द करावें। |
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विश्वशांति का एक मात्र रास्ता
कूदरत की धरतीमाता सर्वसुखों की दाता है, मनुष्य की तरह धरतीमाता भी एक काछब-स्वरुपी जीवित जीव है। धरती माता राक्षसी पापकर्म से अत्यन्त दुखी है। राक्षसी पाप से मनुष्य, पशु, पक्षी, वृक्ष भी दुखी है। राक्षसी पाप धरतीमाता की नाभि पर दरियाओं से पार हो रहा है। राक्षसी पाप का मनुष्य ही खत्म कर सकता है। राक्षसी पाप को खत्म करने के लिए धरती माता एवं राक्षसी पाप के सौंदागरों की पहचान करो।
श्री अनुप स्वामीजी महाराज ने जगतहितकारिणी ग्रन्थ में जो रास्ता बताया है, वह विश्व शांति का एक मात्रा रास्ता है।
अनूप मंडल जोधपुर (राज.)
Source : सत्यपुर टाईम्स (साप्ताहिक), सांचोर |
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